पेट की चर्बी या वजन कम करने के तरीके

घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने और अस्त-व्यस्त दिनचर्या का हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है लेकिन इसका सबसे अधिक असर हमारे पेट पर दिखाई देता है. आप अपने आस-पास ऐसे कई लोगों को देखते होंगे, जिनके पेट ने बेडौल आकार ले लिया है.

जरा सोचिए, अगर ये आपको इतना अजीब लगता है तो बेडौल शरीर वाले उसे शख्स को खुद कितना बुरा लगता होगा. कई बार ये बेडौल पेट लोगों के बीच इंबैरेसमेंट की वजह भी बन जाता है. अगर आपके घर में भी कोई ऐसा शख्स है और आप उसे फिट बनाना चाहती हैं तो इन चीजों को अपनी डाइट में अपनाकर देखिए. एक ओर जहां इन उपायों का कोई नुकसान नहीं है वही घर में उपलब्ध होने के कारण आप आसानी से इन्हें अपना भी सकती हैं.

बादाम
बादाम में अच्छी मात्रा में स्वास्थ्यवर्धक फैट उपलब्ध होता है. इसमें मौजूद POLYUNSATURATED और MONOUNSATURATED फैट ओवर ईटिंग से बचाता है. दरअसल, बादाम भूख को दबाने का काम करता है. साथ ही ये दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने में भी मददगार है. इसमें हाई फाइबर की मौजूदगी एक लंबे समय तक आपको भूख का एहसास नहीं होने देती है. ऐसे में अगर आप फैट बढ़ाने वाले स्नैक्स खाते हैं तो उसकी जगह रोस्टेड बादाम का इस्तेमाल शुरू करें.

तरबूज
पेट की चर्बी कम करने के लिए तरबूज एक बहुत आसान और कारगर उपाय है. इसमें 91 प्रतिशत पानी होता है और जब आप इसे खाने से पहले खाते हैं तो आप पहले से ही भरा हुआ महसूस करते हैं. इसमें विटामिन बी-1, बी-6 और सी पर्यापत मात्रा में उपलब्ध होता है. साथ ही पोटैशियम और मैग्नीशि‍यम भी. एक स्टडी के अनुसार, हर रोज दो गिलास तरबूज का जूस पीने से आठ सप्ताह में पेट के आस-पास की चर्बी घट जाती है.

बीन्स
आहार में प्रतिदिन अलग-अलग तरहह की बीन्स का सेवन करने से भी चर्बी घटती है. साथ ही इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पानक्रिया भी सही रहती है. बीन्स की खासियत ये है कि ये लंबे समय तक आपको हेवी फील करवाती है और ऐसी स्थिति में आप बाहर की दूसरी चीजें खाने से परहेज करते हैं. ये सोलबल फाइबर का सबसे अच्छा माध्यम होते हैं. फाइबर खासतौर पर बेली फैट पर असर डालता है.

अजवाइन
अगर आपने वाकई ये फैसला कर लिया है कि आपको हर हाल में अपना या अपने जानने वाले की पेट की चर्बी कम करनी है तो अपनी डाइट में अजवाइन की पत्त‍ियों को शामिल कर लीजिए. अजवाइन की पत्ती के सेवन से पेट की चर्बी कम होती है. बेहद कम कैलोरी, फाइबर युक्त, कैल्शियम और विटामिन सी का प्रमुख माध्यम होने की वजह से ये बेली फैट कम करने में एक असरकारक चीज है. खाने के पहले अजवाइन का पानी पीने से पाचन तंत्र सही रहता है.

खीरा
गर्मियों में एक ओर जहां खीरा प्यास बुझाने और ताजगी के लिए खया जाता है वहीं इसके सेवन से बेली फैट को भी कम किया जा सकता है. इसमें 96 प्रतिशत तक पानी ही होता है. इसमें मिनरल्स, फाइबर और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं. हर रोज एक प्लेट खीरा खाने से शरीर के अंदर बनने वाले कई विषाक्त पदार्थ खुद ही साफ हो जाते हैं.

टमाटर
टमाटर में 9-oxo-ODA नामक एक यौगिक पाया जाता है. यह खून में लिपिड कम करने का काम करता है, जो कि बेली फैट कम करने में मददगार साबित होता है. साथ ही ये यौगिक मोटापे से जुड़े कई प्रकार के कारकों को दूर करने में भी सहायक होता है.

सेब
सेब में उच्च मात्रा में डाइट्री फाइबर होते हैं. इसमें मिलने वाला फाइबर, फीटोस्ट्रॉल, फ्लेवोनॉयड्स और बीटा-कैरोटीन बैली फैट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. साथ ही ये ज्यादा खाने से भी दूर रखता है. इसमें मौजूद पैक्ट‍िन नामक तत्व भी वजन घटाने में अहम है.

अनानास
अनानास में ब्रोमीलेन नामक एंजाइम पाया जाता है. ये तत्व पेट को फ्लैट करने में मददगार होता है.

वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार, शरीर में कुछ फेट सेल आनुवंशिक तौर पर विकसित होते हैं। अगर किसी के परिजन इस परेशानी से ग्रस्त रहे हैं, तो आने वाली पीढ़ी को भी यह समस्या होने की आशंका रहती है 

कमज़ोर पाचन तंत्र
उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारा पाचन तंत्र भी कमज़ोर होने लगता है। यह भी पेट की चर्बी बढ़ने का कारण होता है। आमतौर पर देखा गया है कि इस मामले में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इसकी ज़्यादा शिकार होती है। पाचन तंत्र खराब होने से थायराइड व शुगर जैसी समस्याएं भी शरीर को घेर लेती हैं 

हार्मोन में बदलाव
आमतौर पर हार्मोन बदलाव का सामना महिलाओं को करना पड़ता है। जब वह अपने जीवन के मध्य पड़ाव (करीब 40 के आसपास) में पहुंची हैं, तो शरीर के वज़न के मुकाबले चर्बी तेज़ी से बढ़ती है। वहीं, मेनपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम और एंड्रोजन हार्मोन का स्तर ज़्यादा हो जाता है। यही कारण होता है कि कमर के आसपास चर्बी अधिक हो जाती है

तनाव
तनावग्रस्त शख़्स एक के बाद एक कई बीमारियों से घिरता चला जाता है। शरीर में चर्बी का बढ़ाना भी उन्हीं में से एक है। जब हम तनाव में होते हैं, तो रक्त में कोर्टिसोल का स्तर अधिक हो जाता है। कोर्टिसोल शरीर में वसा का स्तर बढ़ा देता है, जिससे वसा कोशिकाएं बड़ी हो जाती हैं। आमतौर पर इस स्थिति में चर्बी पेट के आसपास ही बढ़ती है 

बैठकर काम करने की आदत
आधुनिकता के जमाने में हमारा जीवन इतना आसान हो गया है कि हमने शारीरिक गतिविधियां करना ही बंद कर दिया है। हम अपना हर काम बैठे-बैठे ही करने की कोशिश करते हैं, फिर चाहे ऑफिस में हों या फिर घर में। समय निकालकर कसरत करने की जगह, हम टीवी देखना या फिर कंप्यूटर पर काम करना ज़्यादा पसंद करते हैं। परिणामस्वरूप हमारे शरीर में चर्बी का स्तर बढ़ने लगता है।

ज़रूरत से ज्यादा खाना
हम दिनभर में क्या कुछ नहीं खाते। कभी-कभी तो काम के दबाव या फिर तनाव में ज़रूरत से ज़्यादा खा जाते हैं और फिर एक ही जगह बैठकर काम करते हैं। इस तरह से भी कमर व पेट के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है।


अब आप जान गए होंगे कि शरीर में चर्बी बढ़ने के अहम कारण क्या-क्या हैं। आइए, अब जानते हैं कि पेट कम कैसे करें।

पेट और कमर की चर्बी कम करने के लिए व्यायाम 
कुछ लोगों के पेट व कमर के आसपास चर्बी इतनी ज़्यादा हो जाती है कि वो चाहकर भी अपने पसंदीदा कपड़े नहीं पहन पाते हैं। कई बार ऐसे लोगों को दूसरों के सामने उठते-बैठते हुए हीनभावना का शिकार होना पड़ता है, क्योंकि उनके पेट की चर्बी कपड़ों से साफ नज़र आती है। इस तरह के लोग हमेशा इस सोच में डूबे रहते हैं कि पेट की चर्बी कैसे घटाएं। ऐसे में ज़रूरी है कि ऐसे लोगों को नियमित व्यायाम करना चाहिए। यहां हम कुछ ऐसे व्यायाम बता रहे है, जिन्हें करने से आपको ज़रूर लाभ होगा 

दौड़ना :
शरीर को चुस्त व दुरुस्त रखने के लिए रनिंग से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। दौड़ लगाने से जहां ह्रदय अच्छे से काम कर पाता है, वहीं अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है और धीरे-धीरे चर्बी भी कम होने लगती है। शुरुआत में कुछ मीटर ही दौड़ें और तेज़ की जगह धीरे-धीरे दौड़ें। जब शरीर इसका अभ्यस्त हो जाए, तो अपनी गति और समय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं।

तैराकी :
इससे भी शरीर में अतिरिक्त जमा वसा कम होनी शुरू होती है। तैराकी करना ह्रदय के लिए भी अच्छा है। तैराकी करने से न सिर्फ वज़न कम होता है, अपितु शरीर बेहतर शेप में आ जाता है। आप इसे हफ़्ते में एक या दो बार कर सकते हैं। अगर आपने पहले कभी तैराकी नहीं की है, तो इसे किसी ट्रेनर की देखरेख में ही करें।

योगासन भी पेट कम करने के उपायों में से एक है। यहां हम कुछ योगासनों के बारे में आपको बता रहे हैं 

सेतुबंध योगासन :
इस आसन को करने से पेट व कमर के पास जमा चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही पेट व जांघों की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं। अगर आपकी गर्दन में किसी तरह का दर्द या फिर खिंचाव महसूस हो रहा है, तो इस आसन को करने से वह भी ठीक हो जाएगा। इतना ही नहीं अगर गलत तरीके से बैठने के कारण आपकी रीढ़ की हड्डी एक तरफ झुक गई है, तो यह आसन उसे भी ठीक कर देता है।

ज़मीन पर पीठ के बल लेट जाएं और दोनों घुटनों को मोड़ें व पैरों की तलियों को ज़मीन पर टिकाएं।


इसके बाद दोनों बाहों को पैरों की तरफ सीधा रखें, हथेलियां जमीन पर टिकी होनी चाहिएं।
अब सांस छोड़ते हुए कमर को ऊपर की ओर उठाएं, जबकि पैरों व हाथों को उसी स्थिति में रहने दें।

करीब 30 सेकंड इसी अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में लौट आएं।

सावधानी : उच्च रक्तचाप से ग्रसित लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।

कपालभाती :
मोटापा कम करने के लिए इस योगासन को सबसे ज़्यादा फ़ायदेमंद माना गया है। कहा जाता है कि इसके परिणाम जल्द ही देखने को मिलते हैं। इसे नियमित रूप से करने पर कब्ज़, गैस व एसिडिटी जैसी समस्याएं गायब हो जाती हैं। पेट की नसें मज़बूत होती हैं और हमारा पाचन तंत्र भी अच्छे से काम करता है।

ज़मीन पर सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें।

अब धीरे-धीरे नाक के जरिए सांस को बाहर छोड़ें। जब आप सांस बाहर छोड़ेंगे, तो आपका पेट अंदर की ओर जाएगा।

ध्यान रहे कि इसे करते हुए सांस को अंदर नहीं लेना है, सिर्फ छोड़ना है।
प्रतिदिन इस आसन के पांच चक्र सुबह-शाम खाली पेट करने से लाभ होगा।

सावधानी : सुबह खाली पेट ही यह आसन करना चाहिए और इसे करने के आधे घंटे बाद ही कुछ खाना चाहिए। अगर शाम को कर रहे हैं, तो खाना खाने के पांच घंटे बाद करें। गभर्वती महिला को इसे नहीं करना चाहिए।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम :

बेशक यह आसन करने में आसान है, लेकिन मोटापा कम करने में यह कारगर है। मुख्य रूप से इसे नाड़ी शोधन प्राणायाम भी कहते हैं। इससे शरीर में रक्त का प्रवाह ठीक से होता है।

ज़मीन पर सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें।
अब दाएं हाथ के अंगुठे से दाएं तरफ़ के नाक को बंद कर दें और बाईं तरफ से सांस खींचकर पांच तक गिनती करें।

अब दाएं हाथ की चौथी अंगुली से बाएं तरफ की नाक को बंद कर दाईं तरफ से सांस को धीरे-धीरे छोड़ें।
अब इसी स्थिति में रहते हुए सांस को अंदर खींचे और पांच तक गिनने के बाद दाईं तरफ से नाक को बंद कर बाईं तरफ से सांस को छोड़ें।

इस तरह के चक्र क्षमतानुसार चार-पांच बार कर सकते हैं।
सावधानी : उच्च रक्तचाप व ह्रदय के रोगी को प्रशिक्षित योग गुरु से सलाह लेकर व उनकी देखरेख में इसे करना चाहिए। साथ ही इसे कभी ज़ोर से या तेज़ गति से नहीं करना चाहिए।

बालासन :
अगर आप सोच रहे हैं कि पेट की चर्बी कैसे घटाएं, तो बालासन सबसे अच्छा है। इस आसन को करते समय हमारी स्थिति मां के कोख में पलने वाले भ्रूण की तरह होती है। इसलिए, इसे बालासन योग कहा जाता है। बालासन करने से पेट की मासपेशियां मज़बूत होती हैं। इसे रोज़ करीब 10 मिनट करने से पेट अंदर हो जाता है।

सबसे पहले वज्रासन यानी आप घुटनों के बल बैठ जाएं और पूरा वज़न एड़ियों पर डालें।
अपनी कमर को सीधा रखते हुए, सांस लेते हुए हाथों को सीधा ऊपर ले जाएं।
अब सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुक जाएं।

कोशिश करें कि आपका सिर ज़मीन से लग जाए और हाथे सीधे रखें।
कुछ सेकंड इस स्थिति में रहते हुए, सांस लेते हुए वापस उठें।

सावधानी : अगर पीठ में दर्द हो या फिर घुटनों का ऑपरेशन हुआ हो, तो यह आसन न करें। साथ ही, जिन्हें दस्त हो, वो भी यह आसन न करें।

नौकासन :
कमर और पेट कम करने के उपायों में यह आसन फ़ायदेमंद है। इसे करने से छोटी आंत, बड़ी आंत और पाचन तंत्र बेहतर हो जाता है।

आप पीठ के बल ज़मीन पर लेट जाएं और अपनी एड़ियों व पंजों को आपस में मिला लें।
आपके दोनों हाथ कमर के साथ सटे होने चाहिए और हथेलियां ज़मीन की ओर होनी चाहिएं।
अब अपने दोनों पैर, हाथ व गर्दन को सामांतर ऊपर की तरफ उठाएं, ताकि शरीर का पूरा भार आपके नितंभों पर आ जाए।

इस स्थिति में करीब 30 सेकंड रहने के बाद धीरे-धीरे सांस लेते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।

सावधानी: जिन्हें कमर व पेट संबंधी कोई गंभीर रोग हो, उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी इस आसन से परहेज करना चाहिए।

हम यह जान चुके हैं कि किस तरह के व्यायाम करने से हम अपने वज़न को नियंत्रित कर सकते हैं। अब समय है, यह जानने का कि हमें अपने खानपान में क्या शामिल करें कि पेट पर चर्बी न जम पाए।


अगर आप खानपान को संतुलित नहीं रखते हैं, तो जितनी भी एक्सरसाइज़ कर लें, पेट की चर्बी कम नहीं होगी। आइए, एक नज़र डालते हैं कि वज़न कम करने के लिए हमें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं :

सुबह उठते ही : सुबह उठने के बाद करीब दो गिलास गुनगुना पानी पिएं, ताकि आपका पेट साफ हो जाए। शौच से निवृत होने के बाद एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पिएं। जिन्हें शुगर है, वो नींबू पानी में चीनी न मिलाएं और जिन्हें उच्च रक्तचाप है, वो बिना नमक के पिएं। वैज्ञानिक शोध में साबित हुआ है कि नींबू पानी पीने से वज़न कम होता है (7)।

नाश्ते से पहले : नाश्ता करने से 15 मिनट पहले करीब 5-6 बादाम खाएं। इन बादाम को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह छिलके उतारकर खाएं। बादाम खाने से शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व मिलते हैं। बादाम में फाइबर होता है, जो भूख को मिटाता है।

नाश्ता : कम फेट वाले दही के साथ दो चपाती खा सकते हैं। इसकी जगह दो ब्राउन ब्रेड भी ले सकते हैं, जिस पर बादाम वाला बटर लगा सकते हैं। इनकी जगह एक कटोरी ओट्स भी खा सकते हैं।

दो घंटे बाद : अगर आप सुबह समय पर नाश्ता कर लेते हैं, तो 11 बजे के आसपास कोई भी फल खा सकते हैं या फिर विभिन्न फलों की सलाद बनाकर भी खा सकते हैं।

दोपहर का खाना : खाने से पहले सब्ज़ियों की सलाद ज़रूर खाएं। सलाद खाने से शरीर को अतिरिक्त फाइबर मिलता है। इसके बाद एक या दो रोटी और साथ में मिक्स सब्जी व उबली दाल ले सकते हैं। अगर नॉन वेज खाते हैं, तो मछली का एक टुकड़ा ले सकते हैं। कोशिश करें कि खाना एक बजे तक खा लें।

शाम को : डिनर से पहले शाम करीब पांच बजे एक फल या फिर एक गिलास बिना क्रीम वाला दूध पी सकते हैं। इनके अलावा, ग्रीन-टी या फिर नारियल पानी भी पी सकते हैं।

रात का खाना : डिनर हमेशा हल्का होना चाहिए और आठ बजे तक कर लेना चाहिए। डिनर में बिना बटर के वेज या फिर चिकन सूप ले सकते हैं। इसके बाद सब्जी के साथ एक या दो रोटी ले सकते हैं।

इनसे बनाएं दूरी :

शक्कर युक्त व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ खाने से बचें।

स्टार्च युक्त खाद्य पदार्थ जैसे :- चावल, नूडल्स, पास्ता और ब्रेड। इनकी जगह ब्राउन राइस व ब्राउन ब्रेड का सेवन करना चाहिए।
तंबाकु, शराब व सिगरेट से परहेज करना चाहिए।

आगे हम कुछ और ज़रूरी टिप्स दे रहे हैं, जिनकी मदद से पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है।

पेट और कमर की चर्बी के लिए कुछ और टिप्स 


आइए, बात करते हैं कुछ अन्य टिप्स के बारे में, जिन्हें अपनाने से आपके शरीर की अतिरिक्त चर्बी छूमंतर हो सकती है।

संतुलित मात्रा में खाएं : दिनभर में तीन बार पेट भरकर खाने से हमारा पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता। इसलिए, हर दो से तीन घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाते रहें।

अधिक पानी पिएं : दिनभर में आठ-दस गिलास पानी पीना सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है। पानी तभी नहीं पीना चाहिए, जब आपको प्यास लगी हो या फिर गला सूख रहा हो। हर तय समय पर थोड़ा-सा पानी पीना चाहिए। पानी पीने से ओवर इटिंग की आदत कम हो सकती है।

नाश्ता न भूलें : जितना ज़रूरी सांस लेना है, उतना ही ज़रूरी नाश्ता है। कुछ लोग सोचते हैं कि नाश्ता नहीं करने से वज़न कम होता है, जबकि ऐसा नहीं है। उल्टा नाश्ता न करने से हमारी भूख बढ़ती है और हम ज़्यादा खा लेते हैं, जिससे वज़न बढ़ने की समस्या पैदा हो सकती है।

ग्रीन-टी : इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है, जो मोटापा व चर्बी घटाने में सहायक सिद्ध होता है। इसलिए, दिनभर में कम से कम एक कप ग्रीन-टी पी सकते हैं।

पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ : एवकाडो, केला, पपीता, आम व खरबूज़े में भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है, जो शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और वज़न कम करने में मदद करता है।

फल व सब्जियां : दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फल व सब्जियों का सेवन करते रहना चाहिए। इससे भूख कम लगेगी और मोटापा कम करने में मदद मिलेगी।

स्मूदी : संभव हो तो दिन की शुरुआत फलों की स्मूदी के साथ करें। खासकर तरबूज़ की स्मूदी का सेवन करना चाहिए। तरबूज़ में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है। इसे खाने के बाद पेट भरा रहता और कुछ खाने का मन नहीं करता। ऐसे में जब आप खाना नहीं खाएंगे, तो संभव है कि पेट की चर्बी कम होगी।

पूरी नींद : चर्बी को कम करने के लिए पूरी नींद सोना भी ज़रूरी है। हर किसी को सात-आठ घंटे की नींद लेनी ही चाहिए। कम या ज़्यादा सोना, दोनों ही वज़न बढ़ाने के लिए अहम कारण हैं। कहा भी जाता है कि अगर आप पूरी नींद सोते हैं, तो पाचन तंत्र अच्छे से काम करता है और भोजन को पचाता है।

कमर या फिर पेट पर जमा चर्बी, ऐसी समस्या नहीं है कि उसे दूर न किया जा सके। बस ज़रूरत है, तो तय दिनचर्या का पालन करने और नियमित व्यायाम करने की। इस लेख में दिए गए सुझावों से आपको कितना लाभ हुआ, इस बारे में नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें बताएं।

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