लहसुन के फायदे और बीमारी में उपयोग का तरीका

लहसुन के बारे में तो हर किसी ने सुनी रखा है पर क्या आपको इसके उपयोग और इसके अंदर छुपे अद्भुत गुणों के बारे में पता है हर किचन में संभवत उपयोग में लाया जाता है | जिसको अंग्रेजी भाषा में गार्लिक और साइंटिफिक भाषा में एलियम सटाइवम बोलते हैं वैसे तो लहसुन हर व्यंजन में स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है | इसके साथ ही लहसुन से कई रोगों का उपचार भी किया जाता है आयुर्वेद में इसको केमिकल या रासयान भी कहा जाता है क्योंकि इसमें अम्ल रस को छोड़कर शेष पांच रस मौजूद होते है मोटी और रसदार कली वाला लहसुन खूब तीखा और चरपरा , तीव्र गंध के साथ ही फायदेमंद होता है पर सिर्फ एक ही कली वाला लहसुन सबसे जयादा फ़ायदेमंद होता है वैसे लहसुन शाहकारी होता पर कई शाहकारी लोग इसका सेवन नहीं करते है |

आयुर्वेद के अनुसार लहसुन का उपयोग वीर्य वर्धक और पाचक अवं दस्त को रुकने वाला होता है और इस का रस में कटु और मधुर होता है भग्न स्थान को जोड़ने वाला कंठ शोषक ,भारी, पित्त व रुधिर को बढ़ाने वाला, मेघा के लिए हितकारी ,आखो को सुखदायक बनाने वाला इसके साथ ही ह्रदय रोग , कब्ज, वायु गोला, आरुचि, खांसी, सूजन और बवासीर , त्वचा रोग आदि को हराने वाला होता है | 

शीत और बसंत ऋतु में कब्ज़ का खत्म करने के लिए वर्षा ऋतु में वाद या गठिया को समाप्त करने के लिए इसका सेवन करते रहना चाहिए इसके साथ पित्त को समाप्त करने के लिए छिली हुई लहसुन की कली का सेवन मिश्री के साथ करें अगर कब्ज़ ज्यादा रहता है तो भी इसका सेवन उचित अनुकूल मात्रा में विधि से करे और इसका सेवन किसी भी ऋतु में किया जा सकता है |

लहसुन के फायदे – Garlic benefits in hindi

बीमारियों से बचने के लिए इसका उपयोग हमें किस तरह से करना चाहिए जानते है –

आप इसका उपयोग शुद्ध देशी घी में लहसुन को डालकर प्रतिदिन सब्जी में मिलाकर खा सकते हैं अपने शरीर की तहसील और ऋतु के अनुसार रखनी चाहिए क्योंकि जो लहसुन है वह गर्म ज्यादा होता है इसकी कम से कम 2 कली और अधिक से अधिक 6 कली से ज्यादा ना खाएं 1 दिन में एक बार में ही घी में तली हुई लहसुन को चबाकर खाएं या निकल जाए या एक दो चम्मच घी से तला हुआ और ऊपर से पीले हो जाये तो सभी प्रकार के कष्ट संधि के जोड़ जोड़ों के दर्द और सुस्ती शिथिलता वायु कोल का दर्द गैस की समस्या एवं की दुर्बलता या कमजोरी को ठीक करता है और हृदय को भी बल मिलता है

अगर पेट में फीता कृमि हो तो इसका लहसुन को कुचल के उसका रस को निकालकर छाछ में मिलाकर पीने से फीता कृमि खत्म हो जाता है

ब्लड प्रेशर में लहसुन की चार से पांच कलियों को धूप में सुखाकर और शहद के साथ 15 दिन तक सुबह-शाम लें और ऊपर से ठंडा दूध पीने से आपका ब्लड प्रेशर कम हो जाता है और इसके प्रयोग से सांस में होने वाली दिक्कतों को भी समाप्त करता है और इससे आपके शरीर को शक्ति मिलती है

छोटे बच्चों को अगर खांसी हो तो आप लहसुन की एक माला बनाकर उसके गले मैं पहना दे और छाती और पीठ पर लहसुन के तेल सरसों के तेल के साथ मिलाकर बच्चे को मालिश करें इससे बच्चे की खासी समाप्त हो जाएगी साथ ही सांस लेने में तकलीफ हो रही है बच्चे को क़फ जकड़ा हुआ है तो 5 से 6 के कली का लहसुन का रस निकालकर जीरा और शहद मिलाकर तीन से चार बार चढ़ाएं आराम मिलता है |

कान में दर्द है तो सरसों के तेल में 5 लहसुन की कली पकाकर उसकी दो बूंद कान में टपकाई इससे कान का दर्द समाप्त हो जाएगा |

गौ मूत्र के साथ लहसुन का सेवन से यौन समस्या खत्म होती है |

गार्लिक या लहसुन आसनी से हर जगह मिल जाता है | भारत में सबसे ज्यादा लहसुन मध्य प्रदेश में होती है पर साउथ इंडिया का एक पोथी और पहाड़ी लहसुन कुछ ज्यादा फायदा करता है इसको बाज़ार में खोजना पड़ सकता है पर मिल जाता है | लहसुन को सूखे या ड्राई जगह पर रखे और छिली हुई लहसुन की कली को रेफ्रीजरेटर में रखे वह जल्दी ख़राब नहीं होगी | देशी घी या सरसों के तेल में डाला हुआ लहसुन जल्दी ख़राब नहीं होता है | पर हमे बेहतर फायदे के लिए १ या २ दिन में इसका सेवन कर लेना चाइए|


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